बदलाव का

यह दौर है बदलाव का

पत्थरों के पथराव का

युवकों के भटकाव का

ख़ून के छिंटकाव का

चारों तरफ अलगाव का

जलती अलाव का

इंसानियत पर गहराते दबाव का

यह दौर है बदलाव का

क्या वाकई ये दौर है बदलाव का?

ख़ामोशी क़ैद और आज़ादी

।।ख़ामोशी, क़ैद और आज़ादी।।

यह तस्वीर लेते समय झंडा बिल्कुल ख़ामोश था,बिल्कुल तटस्थ।
मैंने उसकी ख़ामोशी को तस्वीर में कैद करना चाहा तब ही एक पंछी ने आकर उससे आज़ादी का आव्हान किया।

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(P.S. -: full brightness highly recommended)
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